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Saturday, 8 August 2026

राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज,5300 से अधिक आवेदन मिले,54 का चयन



राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। ट्रस्ट के CEO पद के लिए 5,300 से अधिक आवेदनों की स्क्रीनिंग हुई है। प्राथमिक स्क्रीनिंग के बाद 54 आवेदकों का चयन हुआ है।

54 में से 18 उम्मीदवार अंतिम साक्षात्कार के लिए अयोध्या बुलाए गए हैं। 11 और 12 अगस्त को रामजन्मभूमि परिसर में अंतिम साक्षात्कार होगा। चयन समिति के तीन सदस्य 18 उम्मीदवारों का अंतिम इंटरव्यू लेंगे। अंतिम साक्षात्कार के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में CEO के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

चोरी के बाद CEO नियुक्ति का फैसला

राम मंदिर दानपात्रों की धनराशि की गणना के दौरान चोरी के बाद CEO नियुक्ति का फैसला हुआ है। मंदिर की व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए CEO की नियुक्ति का निर्णय लिया गया है। 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में तीन सदस्यीय CEO चयन समिति का गठन हुआ था। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में चयन समिति बनी थी। डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी समिति के सदस्य हैं।

13 जुलाई को CEO पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे, और 18 जुलाई तक आवेदन लिए गए। चयन प्रक्रिया में सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी की संभावना है। सरकारी सेवा से रिटायर व्यक्ति के CEO बनने की भी संभावना जताई जा रही है।

सीईओ का क्या होगा कामकाज?

नियुक्ति के बाद सीईओ मंदिर के रोजाना के कामकाज, मैनेजमेंट के फैसलों को लागू करने और स्टाफ की देखरेख के लिए जिम्मेदार होंगे। ट्रस्ट की मंजूरी से सीईओ को मंदिर के कामकाज के लिए सेक्रेटरी और दूसरे जरूरी कर्मचारियों को नियुक्त करने का अधिकार भी होगा। बता दें कि सीईओ का पद बनाने का फैसला ट्रस्ट की 6 जुलाई की बैठक में लिया गया था, जो मंदिर के चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद हुआ था।

मंदिर के धर्म कार्य का भार संतों को सौंपा गया

इससे पहले अयोध्या राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने कहा था कि मंदिर के धर्म कार्य का भार और दायित्व अयोध्या के संतों को सौंपा जा रहा, अयोध्या से पांच नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा, यह धार्मिक समिति जो बनी है उसमें अयोध्या से पांच नाम हैं। पहला पूज्य महंत श्री कमल नयन दास जी महाराज, मणिराम छावनी से। स्वामी श्री रामानंद दास जी महाराज, रामकथा कुंज। स्वामी श्री राजकुमार दास जी महाराज, रमा वल्लभा कुंज। स्वामी श्री मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज और स्वामी श्री दीनेंद्र दास जी महाराज निर्मोही अखाड़े के ये न्यास में भी हैं और अयोध्या के हैं।




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