उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवता और कानून व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। वैदपुरा थाना क्षेत्र के बर्रा गांव में शुक्रवार रात को एक महिला और उसके प्रेमी को परिजनों ने पकड़कर खुद ही जज बनकर सजा सुना दी।
पूरे रात चले जुल्म और प्रताड़ना के बाद, सुबह जब इन दोनों को अपमानित करने की योजना बनाई जा रही थी, तभी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
क्या है पूरा मामला?
बर्रा गांव की रहने वाली तीन बच्चों की मां का पिछले 5 वर्षों से अपनी मौसी की जेठानी के बेटे के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। रविवार की रात करीब 1:00 बजे, प्रेमी अपने प्रेमिका को साथ लेकर गांव पहुंचा। जैसे ही आहट मिली, गांव वालों ने दोनों को दबोच लिया।
आरोप है कि परिजनों ने दोनों को रातभर कमरे में बंधक बनाकर उनके साथ क्रूरता की। उन्हें लाठी-डंडों से पीटा गया, चेहरे पर कालिख पोती गई और उन्हें जूतों की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। उनका कहना है कि सुबह उन्हें पूरे गांव में घुमाया जाना था ताकि समाज के सामने उन्हें जलील किया जा सके।
तब किसी ग्रामीण ने पुलिस को गुप्त सूचना दी। सूचना मिलते ही, थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह अपने बल के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ के चंगुल से दोनों पीड़ितों को मुक्त कराया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला के पति, देवर समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित महिला के ससुर का कहना है कि युवक उनकी बहू को भगाने आया था, जिसे गांव वालों ने पकड़ लिया। वहीं, युवक के जीजा का आरोप है कि उनके साले को फोन कर साजिश के तहत बुलाया गया और फिर उन पर जानलेवा हमला किया गया। पुलिस के अनुसार, महिला ने स्वीकार किया है कि उसका पिछले 5 साल से अफेयर चल रहा था।
पीड़िता की तहरीर पर मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आरोपी अन्य दोषियों की तलाश में जुटी है।
गांव में ग्रामीणों का इस तरह का क्रूर व्यवहार मानवता को शर्मसार करने वाला है। साथ ही, यह मामला इस बात को भी रेखांकित करता है कि प्रेम-प्रसंग को लेकर समाज में कितनी हिंसा और अत्याचार हो सकते हैं।
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