- मेरठ में चल रहे हैं फर्जी अस्पताल सेटिंग से जारी कर रहे इंजरी सर्टिफिकेट खूब हो रहे फर्जी मुकदमे स्वास्थ्य विभाग ने बंद कि आंखें | दैनिक सच्चाईयाँ

Saturday, 16 May 2026

मेरठ में चल रहे हैं फर्जी अस्पताल सेटिंग से जारी कर रहे इंजरी सर्टिफिकेट खूब हो रहे फर्जी मुकदमे स्वास्थ्य विभाग ने बंद कि आंखें

 




मेरठ  मेरठ में फर्जी अस्पतालों की लगता है बाढ़ आई हुई है दूसरी और स्वास्थ्य विभाग इन सभी अस्पतालों से आंखें मिचे हुए  शासन वे प्रशासन में उत्तर प्रदेश सरकार कि अस्पतालों पर कार्रवाई करने के लिए समय-समय पर कई आदेश जारी कर चुकी है मगर स्वास्थ्य विभाग की कानों पर जू तक नहीं रांगती इन अस्पतालों की वजह से जहां आम जनता ठगी जा रही है वह परेशान है वहीं दूसरी ओर इन अस्पतालों ने नया पांडाशुरू कर दिया है अभी हेलो लोगों से सेटिंग कर फर्जी इंच रिपोर्ट जारी कर रहे हैं जिससे कई लोगों को झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है विडंबना की बात तो यह है कि इन फर्जी रिपोर्ट तो पर जिन पर यह मुकदमे कायम किए जाते हैं वहां पुलिस भी ध्यान नहीं देती और ना ही उसे अस्पताल के बारे में जानकारी करने की कोशिश करती है ऐसा ही एक मामला लोहिया नगर थाना से है जहां एक 308 के मुकदमे को 307 का बनाने के लिए एक फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराई गई यह मेडिकल रिपोर्ट जनता हॉस्पिटल जैदी फार्म पुलिस चौकी के बराबर में अस्पताल से बनवाई गई जानकारी करने पर पता चला कि यह हॉस्पिटल तो बिना लाइसेंस के ही संचालित हो रहा है और लोगों से सेटिंग कर फर्जी इंजरी रिपोर्ट बनाकर दे रहा है इस अस्पताल के द्वारा जारी भारजारी इंजरी फोटो पर कई लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज है विडंबना तो यह है कि पुलिस भी ऐसे अस्पतालों की जारी रिपोर्ट पर विश्वास कर लेती है और उन्हें अस्पतालों के बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं लेती ऐसा ही एक प्रकरण थाना लोहिया नगर क्षेत्र का हैजहां एक मुकदमा 674.l  2025 जो की अहमदुद्दीन द्वारा लिखा गया था को गंभीर धाराओं में परिवर्तन करने के लिए जनता हॉस्पिटल जदी फॉर्म पुलिस चौकी के बराबर से इंजरी रिपोर्ट बनवाई गई जबकि यह अस्पताल मुख्य चिकित्सा अधिकारी के यहां रजिस्टर्ड ही नहीं है और ना ही इस अस्पताल पर कोई लाइसेंस है यह अस्पताल फर्जी तरह से संचालित है फिर भी इस अस्पताल से जारी रिपोर्ट कोपुलिस द्वारा मानकर धाराओं में बढ़ोतरी की गई थाना लोहिया नगर पुलिस ने इस अस्पताल की लाइसेंस की कोई जानकारी नहीं की और इंजरी रिपोर्ट की सही होने की जानकारी भी नहीं ली गई नियम अनुसार यदि कोई अस्पताल मुख्य चिकित्सा अधिकारी के यहां रजिस्टर्ड नहीं है या उसे कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है तो वहां पर इलाज करना वह किसी डॉक्टर के द्वारा महा पर इलाज करना वह उसे अस्पताल से जारी कोई भी इंजरी रिपोर्ट आदि मान्य नहीं है और वहां पर इलाज करना वह करवाना वह उसके द्वारा कोई भी रिपोर्ट जारी करना गैरकानूनी वह अपराध है मगर यह अस्पताल धड़ल्ले से फर्जी इंजरी रिपोर्ट है जारी कर रहा है स्वास्थ्य विभाग भी इसकी तरफ से आंखें मुंडे हुए हैं जिसकी वजह से ऐसे गैर कानूनी संचालित अस्पताल धड़ल्ले से संचालित है और जहां एक और मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर फर्जी इंजरी सर्टिफिकेट जारी कर लोगों के विरुद्ध झूठे मुकदमे कायम करने में मदद कर रहे हैं यह फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का खेल जहां एक और इन अस्पतालों को धनवान बन रहा है वही जिनके विरुद्ध उनके सर्टिफिकेट के आधार पर मुकदमे लिखे जाते हैं वह मुकदमों की झूठी दलदल में फास्ट चले जाते हैं पुलिस भी इनकी रिपोर्ट पर आंख बंद करके विश्वास कर इनकी रिपोर्ट मुकदमों में लगा देती है और लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर लेती है इस तरह के बिना लाइसेंस के अस्पतालों का जाल पूरे प्रदेश में फैला हुआ है जिस पर स्वास्थ्य विभाग अंकुश लगाने में नाकाम है देखना यह है कि मेरठ का स्वास्थ्य विभाग जनता हॉस्पिटल जैदी फार्म पर कब करवाई करेगा और इसके द्वारा बनाई जाने वाली फर्जी इंजरी रिपोर्टरसे  लोगों को कब राहत मिलेगी जहां ऐसे अस्पतालों पर कार्यवाही करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की तो है ही मगर जहां यह लोग फर्जी रिपोर्ट बनाकर पुलिस में प्रशासन को वह थाना पुलिस को धोखा दे रहे हैं वहां उनकी जिम्मेदारी भी यह बनती है कि ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित की करने में पहला करें ताकि ऐसे अस्पतालों जो फर्जी तौर पर चल रहे हैं वह बगैर लाइसेंस की संचालित है उन पर अंकुश लगाया जा सके

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