यूपी के बलरामपुर में थाना महराजगंज तराई क्षेत्र में एक दिन पूर्व सड़क दुर्घटना में बताई जा रही दो युवकों की मौत का मामला सनसनीखेज हत्या में बदल गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या थी।
दीपचंद उर्फ छोटू का आरोपी महिला खुशबू वर्मा से शादी से पहले प्रेम संबंध था जो शादी के बाद भी जारी रहा। इसी बात को लेकर घर में तनाव रहता था। प्रेमी दीपचंद द्वारा पुरानी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर रहा था। इससे परेशान होकर महिला ने पति और परिजनों के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची। प्रेमी की हत्या करनी थी लेकिन उसका दोस्त भी आ गया। इससे दोनों को मौत के घाट उतार दिया गया। साक्ष्यों और सीडीआर विश्लेषण से सच्चाई सामने आई। मौके पर मोबाइल के टूटे हिस्से, महिला की माला और बाइक बरामद हुई है। चार आरोपी जेल भेजे गए हैं।
एसपी विकास कुमार ने मंगलवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया कि गांव के बाहर बुलाकर हत्या की गई थी। हादसा दिखाने के लिए शव सड़क पर फेंके गए थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने दीपचंद और उसके दोस्त मनोज को गांव के बाहर बुलाया। वहीं दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद शवों को मोटरसाइकिल पर रखकर लौकहवा के सेवरहवा नाले के पास फेंक दिया गया। उनकी बाइक भी वहीं छोड़ दी गई, ताकि मामला सड़क दुर्घटना लगे।
शुरुआती सूचना पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दुर्घटना का केस दर्ज किया था, लेकिन साक्ष्यों और सीडीआर विश्लेषण से सच्चाई सामने आ गई। मोबाइल पार्ट, माला और बाइक बरामद करके चार आरोपी जेल भेजे गए हैं। घटना स्थल से मृतक के मोबाइल का टूटा हिस्सा, आरोपी महिला की माला और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस ने इस मामले में खुशबू वर्मा, खुशबू के पति अनिल कुमार, खुशबू के सगे भाई अजय कुमार वर्मा और खुशबू के चचरे भाई संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। साक्ष्यों के आधार पर धाराओं में संशोधन करते हुए हत्या समेत अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया है।
पति और भाइयों के साथ मिलकर की हत्या
खुशबू का दीपचंद उर्फ छोटू के साथ शादी से पहले प्रेम संबंध था। शादी के बाद भी खुशबू से बात होती थी। इस बात को लेकर खुशबू के घर में तनाव रहता था। छोटू के पास खुशबू की कुछ पुरानी फोटो थी। इसे लेकर छोटू आए दिन खुशबू के ऊपर दबाव बनाता रहता था। इसी बात को लेकर खुशबू ने अपने पति अनिल कुमार, अपने सगे भाई अजय कुमार वर्मा और अपने चचेरे भाई संतोष कुमार के साथ मिलकर दीपचंद को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के तहत उसने दीपचंद को गांव के बाहर बुलाया।
दीपचंद अपने दोस्त मनोज के साथ पहुंचा तो वहां पर पहले से मौजूद खुशबू, उनके पति और उनके सगे व चचेरे भाई ने मिलकर दीपचंद व उसके दोस्त मनोज की गला दबाकर हत्या कर दी। खुशबू के दोनों सगे व चचेरे भाइयों ने शव को बाइक पर रखकर लौकहवा के सेवरहवा नाले के पास फेंक दिया था। दीपचंद की बाइक भी वहीं छोड़ दी, जिससे यह प्रतीत हो कि दोनों की मृत्यु सड़क दुर्घटना में हुई हो।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के अनुसार घटना की छानबीन के दौरान यह पता चला कि यह सड़क हादसा नहीं बल्कि हत्या है। पुलिस व सर्विलांस की संयुक्त टीम ने गहन जांच-पड़ताल के बाद मामले का खुलासा कर दिया है। टीम ने 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया है।
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