- ईडी की बड़ी कार्रवाई: 386 करोड़ रुपये की ठगी में रियल एस्टेट कंपनी पर छापेमारी | दैनिक सच्चाईयाँ

Thursday, 20 August 2026

ईडी की बड़ी कार्रवाई: 386 करोड़ रुपये की ठगी में रियल एस्टेट कंपनी पर छापेमारी

नई दिल्ली: सैकड़ों घर खरीदारों की मेहनत की कमाई को ठगने वाले एक प्रमोटर ने न केवल विदेश में आलीशान संपत्ति बनाई, बल्कि सेंट किट्स की नागरिकता भी हासिल करने की कोशिश की।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस 386 करोड़ रुपये के महाठगी मामले में रियल एस्टेट कंपनी 'ताशी ग्रुप' और उसके प्रमुखों के ठिकानों पर दिल्ली-एनसीआर में व्यापक छापेमारी की है। दिल्ली और हरियाणा पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई इस कार्रवाई ने रियल एस्टेट क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।

15 साल से पजेशन का इंतजार, 120 करोड़ का गबन

ईडी के गुरुग्राम कार्यालय द्वारा 19 और 20 अगस्त को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई छापेमारी में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि ताशी ग्रुप ने गुरुग्राम के सेक्टर 111 में 'ताशी कैपिटल गेटवे प्रोजेक्ट' और सेक्टर 68 में 'ओरियन गैलेक्सी प्रोजेक्ट' के नाम पर 600 से अधिक लोगों को ठगा। निवेशकों से 386 करोड़ रुपये वसूल किए गए, लेकिन 10 से 15 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें घरों का पजेशन नहीं दिया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि निवेशकों के पैसे में से लगभग 120 करोड़ रुपये का सीधे तौर पर गबन किया गया और उस फंड को प्रमोटर के नियंत्रण वाली अन्य संस्थाओं में स्थानांतरित किया गया।

संपत्तियां बेचकर विदेश भागा परिवार, इंग्लैंड में खोला ओल्ड-एज होम

इस धोखाधड़ी का मुख्य मास्टरमाइंड प्रमोटर काशी नाथ शुक्ला (रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल) है। जांच में यह भी पता चला है कि शुक्ला के परिवार के सदस्य पिछले 5 से 10 वर्षों में भारत में अपनी सभी बड़ी संपत्तियों को बेचकर या नकद में बदलकर गुपचुप तरीके से विदेश में बस गए हैं। ठगी की इस रकम से विदेशी कंपनियों में भारी निवेश किया गया, जिसमें इंग्लैंड में एक बुजुर्ग देखभाल केंद्र (ओल्ड-एज केयर होम) भी शामिल है। यह भी सामने आया है कि परिवार के एक सदस्य ने इस काले धन के निवेश के जरिए सेंट किट्स की नागरिकता के लिए आवेदन किया है।

लग्जरी कार और लाखों के बैंक अकाउंट सीज, मनी ट्रेल खंगाल रही एजेंसी

ईडी ने ताशी ग्रुप से संबंधित मेसर्स ताशी लैंड डेवलपर्स, केएनएस इन्फ्राकॉन और सोनी इन्फ्राटेक जैसी कंपनियों के 7 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा, विदेशी निवेश के दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही एजेंसी ने 22 लाख रुपये के बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट और एक लग्जरी कार को भी सीज कर दिया है। ईडी अब इन कंपनियों के बीच हुए फंड ट्रांसफर की पूरी मनी ट्रेल की जांच कर रही है ताकि अपराध से अर्जित पूरी रकम का पता लगाया जा सके और अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जा सके। मामले की आगे की जांच जारी है।

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