- नेपाल में बाढ़ और तबाही: हाइड्रोपावर टनल में फंसे वर्कर लापता, राहत-बचाव अभियान जारी | दैनिक सच्चाईयाँ

Monday, 31 August 2026

नेपाल में बाढ़ और तबाही: हाइड्रोपावर टनल में फंसे वर्कर लापता, राहत-बचाव अभियान जारी



नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. बाढ़ से मरने वालों की संख्या 955 पहुंच गई है, जबकि 3900 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में कई लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते यहां विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. उत्तराखंड के सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी विशेषज्ञ टीम भी नेपाल पहुंच चुकी है. खराब मौसम और बारिश के कारण हेलिकॉप्टर अभियान प्रभावित हो रहा है. नेपाल सरकार ने सुरंग से रेस्क्यू, सड़क संपर्क बहाल करने, शवों की पहचान और संरक्षण के लिए तकनीकी सहायता मांगी है. भारत और चीन से बैली ब्रिज की मदद भी मांगी गई है.भारत की ओर से भी राहत और बचाव अभियान जारी है. अब तक 84 भारतीय नागरिकों को नेपाल से सुरक्षित निकाला गया है, जबकि करीब 320 भारतीयों के अब भी लापता या संपर्क से बाहर होने की जानकारी है. महाराष्ट्र के 106 पर्यटकों की भी घर वापसी हो चुकी है. नेपाल का सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका रसुवा है, जहां इमारतें तबाह हुई हैं, वाहन मलबे में दब गए और चीन सीमा के प्रमुख मार्ग का एक हिस्सा बह गया. इस बीच रेस्क्यू टीम 5 साल की बच्ची इशारा के पिता की तलाश कर रही है, जिसे बाढ़ के पानी से बचाया गया था. बच्ची अपनी मां से बिछड़कर जाल में फंस गई थी और बाद में अस्पताल पहुंचाई गई. नेपाल ने राहत कार्यों में भारत की मदद के लिए आभार जताया है, जबकि बाढ़ से तबाह सड़क, पुल और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को दोबारा खड़ा करने में अरबों डॉलर की जरूरत पड़ने का अनुमान है. यहां आपको नेपाल बाढ़ से जुड़े हर अपडेट मिलेंगे. 

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