बांग्लादेश में एक और राजनीतिक व्यक्ति पर हमला हुआ है। एनसीपी (नेशनल सिटिजन पार्टी) के खुलना डिविजनल चीफ और पार्टी के केंद्रीय आयोजक मोतालेब सिकदर को गोली मार दी गई है। सिकदर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।सिकदर पर हमले में भी उस्मान हादी पर हुए अटैक जैसा ट्रेंड दिखा है। हादी की तरह ही अज्ञाक बंदूकधारियों ने सिकदर को सिर में गोली मारी है। हमलावर अटैक के बाद फरार होने में कामयाब रहे हैं।इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की बीते हफ्ते अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। इसके बाद से बांग्लादेश में भीषण हिंसाका दौर देखा जा रहा है। ऐसे में मोतालेब सिकदर पर हमले से बांग्लादेश में हिंसा और बढ़ने का अंदेशा है। सिकदर फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। एनसीपी पार्टी बीते साल शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्र नेताओं ने बनाई थी
बांग्लादेश में हिंसा
बांग्लादेश में राजधानी ढाका समेत ज्यादातर बड़े शहर हिंसा की चपेट में हैं। देश में हिंसा का ये सिलसिला गुरुवार को छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद शुरू हुआ है। उस्मान हादी की मौत पर गुस्साई भीड़ ने ढाका समेत कई शहरों में आगजनी और तोड़फोड़ की है। अल्पसंख्यक हिंदू और राजनीतिक कार्यकर्ता लगातार भीड़ का निशाना बन रहे हैं।बांग्लादेश में बीते काफी समय से राजनीतिक अस्थिरता का दौर देखा जा रहा है। बीते साल जून-जुलाई में शेख हसीना की सरकार के खिलाफ देशभर में आंदोलन हुए थे। इन आंदोलनों के चलते अगस्त में शेख हसीना की सरकार गिर गई थी और उनको ढाका छोड़ना पड़ा था। इन प्रदर्शनों के दौरान काफी ज्यादा हिंसा ढाका और आसपास के शहरों में देखने को मिली थी।
यूनुस सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त
शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार है। यूनुस के तमाम दावों के बावजूद देश में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल हैं। खासतौर से बीते हफ्ते बांग्लादेश में ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसने दुनिया का ध्यान खींचा है। भीड़ ने अल्पसंख्यक युवा की हत्या की है तो घरों को आग लगाई है। हजारों की भीड़ के सामने पुलिस और सिस्टम बेबस दिख रहा है।
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