डोनाल्ड ट्रंप ही नहीं, पिछले 100 सालों में उनसे पहले हुए ज्यादातर राष्ट्रपतियों ने देश को युद्ध की आग में झोंकने का काम किया है. उन्हें युद्ध पसंद थे. कई लड़ाइयां लंबी चलीं, तो कुछ सैन्य ऑपरेशन की शक्ल में हुए, जो 24 घंटे, 72 घंटे में पूरे हो गए.
दूसरे विश्व युद्ध के बाद शीत युद्ध का दौर आया, तो लगा कि अब नई लड़ाई नहीं होगी. हालांकि, पिछले 50 वर्षों का इतिहास बताता है कि अमेरिका ने अलग-अलग तरह से दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप किए. बड़े और लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों की बात करें, तो खाड़ी युद्ध के अलावा अफगानिस्तान और इराक युद्ध भी शामिल है, जहां अमेरिकी सेनाओं ने दूसरे देश में कदम रखा.
कई देशों में आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन के नाम पर जंग लड़ी गई. इस तरह से देखें तो अमेरिका ने 1776 से अब तक सैकड़ों सैन्य हस्तक्षेप किए हैं, जिनमें से कम से कम 25 प्रतिशत अकेले शीत युद्ध के बाद के दौर में हुए. सबसे ज्यादा युद्ध लड़ने वाले राष्ट्रपतियों की बात करें तो एल. बी. जॉनसन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश का नाम आगे रखा जाता है. दोनों के समय 5-5 साल तक लगातार खतरनाक लड़ाई चलती रही. दूसरे विश्व युद्ध के समय फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने 3 साल और 4 महीने तक अमेरिका का नेतृत्व किया था. पिछले 50 वर्षों की अगर लिस्ट बनाई जाए तो समझ में आता है कि किस राष्ट्रपति ने कितने युद्ध शुरू किए.
जेराल्ड फोर्ड (1974-1977) : फोर्ड के समय में ही वियतनाम युद्ध की समाप्ति की घोषणा हुई और 1975 में अमेरिकी सैनिकों की अंतिम वापसी हो गई.
जिमी कार्टर (1977-1981) : शीत युद्ध के दौरान अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ में ठनी हुई थी. इस दौरान अमेरिका ने अप्रत्यक्ष तौर पर कई सैन्य सहायता की फंडिंग की और सीआईए के ऑपरेशन हुए, जिसमें
लगातार सैन्य सहायता और CIA के अभियान, जिसमें अंगोला (अफ्रीकी देश) में हस्तक्षेप शामिल है.
रोनाल्ड रीगन (1981-1989) : रीगन के समय में लेबनान में दखल दिया गया.1982-1984 तक लेबनान के गृह युद्ध के दौरान शांति सेना भेजी गई थी. कैरेबियाई देश ग्रेनाडा पर 1983 में हमला हुआ. इसका नाम था ऑपरेशन अर्जेंट फ्यूरी. 1986 में आतंकवाद के खिलाफ लीबिया पर बमबारी की गई. 1987 से 1988 के बीच ईरान-इराक युद्ध के दौरान कुवैती टैंकरों को अमेरिकी नौसेना ने सुरक्षा दी.
जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश (1989-1993) के समय में ऑपरेशन...
पनामा पर हमला (1989-1990)- मैनुअल नोरिएगा को सत्ता से हटाने के लिए ऑपरेशन जस्ट कॉज चला.
खाड़ी युद्ध (1990-1991)- इराक से कुवैत को आजाद कराने के लिए ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म चलाया गया.
सोमालिया का गृह युद्ध (1991-1995)- शुरुआत में इसमें भी अमेरिका ने दखल दी. नाम रखा ऑपरेशन रिस्टोर होप.
बिल क्लिंटन (1993-2001) ने कहां -कहां युद्ध लड़ा
1. हैती में दखल (1994-1995) -ऑपरेशन अपहोल्ड डेमोक्रेसी चलाया गया.
2. बोस्निया युद्ध (1992-1995) - NATO ने 'नो-फ्लाई ज़ोन' लागू कर बमबारी की.
3. कोसोवो युद्ध (1998-1999) - नाटो की ओर से यूगोस्लाविया पर बमबारी की गई.
4. ऑपरेशन इनफिनिट रीच (1998) - सूडान और अफगानिस्तान में हमले किए गए.
जॉर्ज डब्ल्यू. बुश (2001-2009) कितनी जंग लड़े
अफगानिस्तान युद्ध (2001-2021) अमेरिका पर 9/11 हमला हुआ तो अमेरिका ने उसके जवाब में अफगानिस्तान पर आक्रमण कर दिया. यह लड़ाई दो दशक तक चली और बेनतीजा रही. इसके लिए अमेरिका की खूब किरकिरी होती है क्योंकि तालिबान शासन फिर आ गया है.
इराक युद्ध (2003-2011) ऑपरेशन इराकी फ्रीडम के तहत अमेरिका ने सद्दाम हुसैन के शासन का अंत किया. बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई. सामूहिक विनाश के हथियार के लिए अमेरिका लड़ने आया था लेकिन वह मिला ही नहीं. देश गृहयुद्ध में जला और ईरान का प्रभाव बढ़ा.
बराक ओबामा (2009-2017) के समय में कितनी लड़ाइयां
1. लीबिया में हस्तक्षेप (2011) - गद्दाफी के खिलाफ नाटो के नेतृत्व में बमबारी मिशन चलाया गया.
2. आतंक पर युद्ध (सोमालिया, सीरिया, यमन) - अमेरिकी सेना लगातार ऑपरेशन करती रही.
3. ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व (2014-2017) - इराक और सीरिया में ISIS के खिलाफ हवाई हमले जारी रहे.
डोनाल्ड ट्रंप (2017-2021) का पहला कार्यकाल
1. सीरिया हवाई हमले (2017, 2018) असद सरकार के सेंटरों पर निशाना बनाकर हमले किए गए.
2. ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व (जारी रहा) ओबामा प्रशासन की तरह ट्रंप ने भी आईएसआईएस आतंकियों के खिलाफ हमले जारी रखे.
3. अफगानिस्तान/सोमालिया ऑपरेशन आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन चलता रहा. लोग मरते रहे.
जो बाइडेन (2021-2025) के राज में कितनी जंग
अफगानिस्तान से अमेरिका वापस (2021) 20 साल के युद्ध की समाप्ति हो गई. तालिबान फिर से काबुल की सत्ता पर आकर बैठ गया.
यमन, सोमालिया और सीरिया में आतंकवाद-रोधी ड्रोन हमले और विशेष ऑपरेशन जारी रहे.
रूस-यूक्रेन युद्ध में रोल - यह लड़ाई 2022 से शुरू है. अमेरिका ने यूक्रेन के लिए व्यापक सैन्य और वित्तीय सहायता दी और देता रहा.
गाजा संघर्ष (2023) हमास के आतंकी हमले के जवाब में इजरायल के ऑपरेशन के पीछे अमेरिका भी शामिल हुआ. वह इजरायल को सैन्य मदद देता रहा है.
अब ईरान युद्ध लड़ रहे राष्ट्रपति ट्रंप
अमेरिका ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में ईरान युद्ध लड़ा जा रहा है. खुलकर हजारों सैनिक पश्चिम एशिया में बुलाए गए हैं. एक महीने से लड़ाई छिड़ी हुई है और अब तक यह साफ नहीं है कि कौन जीत रहा है. ट्रंप कभी कहते हैं कि जल्द ही युद्ध थम जाएगा, फिर ग्राउंड ऑपरेशन की संभावना पैदा हो जाती है. अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई भी मारे जा चुके हैं.
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