शहर की सड़कें रोजाना जाम से जूझती है। हालत यह है कि पार्किंग न होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर की किसी भी प्रमुख सडक़ या बाजार में चले जाएं तो ऐसा नही हो सकता कि वहां वाहन चालकों को जाम का सामना ना करना पडे।
इसका कारण है बाजारों में लगातार बढ़ रही वाहनों की संख्या है। पार्किंग न होने के कारण बाजार में आने वाले वाहन सड़क किनारे खड़े बेतरतीब खड़े रहते हैं। अधिकतर जगहों पर पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है, लिहाजा दुपहिया व चौपहिया वाहन चालक सडक़ के आसपास कहीं भी वाहनों को खड़ा कर देते हैं। इन अवैध पार्किंग से सडक़ों पर जाम की स्थिति बन जाती है।
अधिकतर सड़क जाम
नगर निगम ने अभी तक अधिकतर पार्किंग स्थलों का चयन नहीं कर पा रहा है। इसका असर यह है कि सडक़ों पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े होते हैं। इससे अमूमन हर सडक़ पर जाम के हालात बनते हैं। पार्किंग की व्यवस्था न होने से शहर की सडक़ें ही वाहन चालकों के पार्किंग स्थल बन गए हैं। रोड साइड वाहन कहीं भी खड़े कर दिए जाते हैं। शहर का ऐसा कोई बाजार, कोई चौराहा या कोई मेन रोड नहीं हैं, जहां सडक़ के दोनों साइड गाडिय़ों का अतिक्रमण ना हो। इस कारण से अधिकतर 70 प्रतिशत शहर की सडक़ें दिनभर जाम की चपेट में रहती हैं। हालात तब और विकट हो जाते हैं जब बाजार में किसी शोरूम, होटल या बैंक्वेट हाल, स्कूल, अस्पताल आदि के आगे वाहनों की कतार लगने लगती है। पार्किंग ना होने की वजह से लोग बाहर रोड साइड ही गाड़ी खड़ी कर जाते हैं। इसके पीक ऑवर में यहां जाम लगता रहता है।
50 पार्किंग स्थलों की जरूरत
शहर की आबादी और वाहनों की आवाजाही के हिसाब से नगर निगम ने वाहन पार्किंग स्थलों का चयन करने के लिए महानगर को तीन जोन में बांटा है। इन तीनों जोन में शहर के प्रमुख बाजारों के आसपास लगभग 50 वाहन पार्किंग का अनुमान है। इसके लिए चार साल पहले कवायद भी शुरू की थी, इसके तहत शहर में 34 स्थानों का पार्किंग के लिए चयन किया गया था। लेकिन आज तक महज पांच पार्किंग स्थलों का चयन किया जा सका है।
घट रही सड़क की चौड़ाई
वैसे तो शहरभर की मुख्य सडक़ें 60 से 80 फीट चौड़ी हैं। दिन में ये सडक़ें सिमटकर 30 से 40 फीट पर आ जाती है। यह इसलिए होता है क्योंकि शहर में पार्किंग स्थलों की कमी है। हालत यह है कि शहर के बाजारों में आने वाले ग्राहक ना चाहते हुए भी सडक़ के किनारे व दुकानों के बाहर अपने वाहन खड़ा कर देते हैं।
फुटपाथ पर बन गई अवैध पार्किंग
शहर के अधिकतर सभी प्रमुख सडक़ों के दोनों साइड में पैदल चलने के लिए फुटपाथ की जगह दी जाती है। शहर की सडक़ों में भी यह सुविधा दी गई है, लेकिन कहीं यह फुटपाथ कच्चा तो कहीं पक्का है। हालत यह है कि अब इन्हीं फुटपाथ पर अवैध पार्किंग का अतिक्रमण हो चुका है। हर प्रमुख सडक़ के दोनों साइड करीब 5-5 फीट जगह फुटपाथ के लिए छोड़ी गई थी, लेकिन आज अवैध पार्किंग के चलते फुटपाथ ही गायब है।
गढ़ रोड पर दोनों तक अवैध पार्किंग
मेडिकल कॉलेज से हापुड़ अड्डे तक सडक़ की चौड़ाई करीब 100 फीट है। जिसमें दोनों साइड के फुटपाथ और दुकानों के लिए फ्रंट समेत 10-10 फीट जगह को छोड़ दिया जाए तो करीब 40-40 फीट की जगह वाहन चलने के लिए दोनों ओर बचती है। मगर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के कारण दोनों ओर 20 फीट के करीब जगह दिनभर घिरी रहती है।
खैरनगर: सिर्फ 10 फीट सडक़ बची
शहर के सबसे प्रमुख खैरनगर दवा बाजार की मेन रोड की चौड़ाई 20 से 25 फीट है। मगर यहां सडक़ के दोनों तरफ दुपहिया वाहन व ठेले खड़े रहते हैं। इस कारण से मात्र 10 फीट की रोड वाहन चालकों को वाहन चलाने के लिए मिल पाती है।
पीएल शर्मा रोड : रोज लगता है जाम
शहर के सबसे प्रमुख बाजार में शुमार पीएल शर्मा रोड की 20 से 30 फीट की चौड़ाई है। मगर दुपहिया व चौपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण यह रोड मात्र दिन में सिमटकर 10 से 15 फीट पर आ जाती है। इस कारण से दिनभर जाम की समस्या रहती है।
कचहरी : सिर्फ 50 फीट रोड बची
मेरठ कॉलेज, कचहरी, आरजी कॉलेज, बुक मार्केट जैसे प्रमुख स्थान होने के बाद भी कचहरी रोड दिनभर जाम से जूझती है। यहां सडक़ की चौड़ाई 80 से 100 फीट है। लेकिन वाहनों की रोड साइड पार्किंग के कारण इस सडक़ पर चलने के लिए 50 से 60 फीट जगह ही बचती है।
बेगमपुल : मात्र 50 फीट सडक़ बची
शहर के सबसे प्रमुख मार्केट बेगमपुल पर दोनों तरफ करीब 80 से 100 फीट की रोड है। लेकिन ईव्ज चौराहे से बेगमपुल तक सडक़ के दोनों तरफ अवैध पार्किंग के चलते इस रोड पर पूरे दिन वाहन रेंगते रहते हैं। वाहन चालकों के लिए मात्र 30 से 50 फीट जगह ही बचती है।
इनका है कहना...
हमारे बाजार में पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। क्योंकि यहां पूरे बाजार में कोई पार्किंग की व्यवस्था नही है। दुकानों के बाहर सड़क पर ही पार्किंग होती है।
अंकुर बंसल, पीएल शर्मा
भगत सिंह मार्केट का व्यापार पार्किंग ना होने के कारण प्रभावित होता है। दिनभर जाम के कारण ग्राहक दुकानों तक पहुंच भी नही पाते हैं।
अकरम गाजी, भगत सिंह मार्केट
खैर नगर में रोजाना हजारों ग्राहक व्यापारी आते हैं लेकिन यहां पूरे बाजार में दुपहिया वाहन की भी पार्किंग की व्यवस्था तक नही है। दुकानों के बाहर वाहन खड़े रहते हैं जिससे दिभर जाम लगा रहता है।
घनश्याम मित्तल, खैरनगर
बाजारों में व्यापारियों के सहयोग से जगह के सुझाव मांगे गए हैं जिस बाजार में जगह उपलब्ध हो रही है।वहां पार्किंग का ठेका छोड़ जा रहा है।
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