उत्तर प्रदेश शासन की 'जीरो टॉलरेंस टू वर्ड फ्रॉडस्टर्स' नीति के तहत अपराध शाखा मेरठ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के जीएसटी फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई कार्रवाई के तहत थाना गंगानगर में दर्ज मुकदमा संख्या 258/2025 (धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि) की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि प्रमोद कुमार (56), निवासी प्रताप विहार कॉलोनी, ब्रह्मपुरी, ने अपने सहयोगी सर्वांग जैन और अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से फर्जी फर्मों का नेटवर्क खड़ा किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इन फर्जी फर्मों के जरिए फर्जी बिल तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया और सरकार को करीब तीन करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान पहुंचाया। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि यह रकम इससे कहीं अधिक हो सकती है।
जीएसटी विभाग मेरठ द्वारा कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर 31 मार्च 2026 को सरस्वती लोक कॉलोनी के पास से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह फर्जी आधार और पैन के जरिए कंपनियां बनाकर कागजी लेन-देन (सर्कुलर ट्रेडिंग) करता था। साथ ही, गलत एचएसएन कोड का इस्तेमाल, ई-वे बिल में गड़बड़ी और जीएसटी रिटर्न में कम बिक्री दिखाकर टैक्स चोरी की जाती थी।
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। कार्रवाई में निरीक्षक कुलदीप सिंह, निरीक्षक उत्तम सिंह राठौर, उप निरीक्षक अरविंद सिंह और उप निरीक्षक प्रियाशु की टीम शामिल रही।
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