- दिल्ली की सड़कों से गायब होंगे बच्चे?CM रेखा गुप्ता का बड़ा प्लान,भीख मंगवाने वाले गैंग पर भी कसेगा शिकंजा | दैनिक सच्चाईयाँ

Sunday, 9 August 2026

दिल्ली की सड़कों से गायब होंगे बच्चे?CM रेखा गुप्ता का बड़ा प्लान,भीख मंगवाने वाले गैंग पर भी कसेगा शिकंजा



दिल्ली की सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक जगहों पर भीख मांगते दिखने वाले बच्चों को लेकर सरकार अब बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि दिल्ली को 'चाइल्ड बेगर-फ्री दिल्ली' बनाने के लिए राजधानी के सभी 13 जिलों में अभियान चलाया जाएगा।

सरकार का फोकस सिर्फ बच्चों को सड़कों से हटाने पर नहीं होगा। कोशिश यह होगी कि उन्हें पढ़ाई, स्किल ट्रेनिंग और सुरक्षित भविष्य का रास्ता मिले।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार 9 अगस्त को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि सड़कों पर भीख मांग रहे बच्चों को जबरदस्ती नहीं हटाया जाएगा। सरकार दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) और NGOs के साथ मिलकर पहले उनके परिवारों तक पहुंचेगी।

रेखा गुप्ता के मुताबिक परिवारों की परेशानियों को समझा जाएगा। उन्हें काउंसलिंग दी जाएगी और बच्चों के लिए बेहतर विकल्प तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अभियान को लेकर सुझाव और राय देने की अपील भी की है। उन्होंने कहा, "इस अभियान में उन संगठित गिरोहों की भी पहचान की जाएगी जो बच्चों को मजबूरी में भीख मांगने के लिए इस्तेमाल करते हैं और उनकी सच्चाई सामने लाई जाएगी।"

स्वतंत्रता दिवस के आसपास शुरू हो सकता है अभियान

DCPCR के चेयरमैन ओपी व्यास ने बताया कि लोगों से मिलने वाले फीडबैक पर विचार करने के बाद अभियान को स्वतंत्रता दिवस के आसपास शुरू किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बच्चों से भीख मंगवाने की समस्या को दो हिस्सों में देखा जा रहा है।

पहला मामला उन परिवारों का है, जहां आर्थिक तंगी या दूसरी मजबूरियों के चलते बच्चे भीख मांगने लगते हैं। ऐसे परिवारों की काउंसलिंग की जाएगी। दूसरा और ज्यादा गंभीर पहलू ऑर्गनाइज्ड गैंग का है। ऐसे गिरोह छोटे, बेघर और गरीब बच्चों को भीख मांगने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छोटे बच्चों की पढ़ाई, बड़े बच्चों को स्किल ट्रेनिंग

ओपी व्यास ने कहा कि NGOs के साथ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (बाल कल्याण समिति या CWC) को भी अभियान में जोड़ा जाएगा। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम (Juvenile Justice Act) के तहत इन समितियों को देखभाल और सुरक्षा की जरूरत वाले बच्चों के बारे में फैसले लेने का अधिकार है।

भीख मांगने से बाहर आने वाले बच्चों को सिर्फ सड़क से हटाना ही मकसद नहीं होगा। छोटे बच्चों को फॉर्मल एजुकेशन से जोड़ा जाएगा। वहीं बड़े बच्चों को स्किल ट्रेनिंग देकर अपने पैरों पर खड़े होने का मौका दिया जाएगा।

दिल्ली में करीब 70 हजार स्ट्रीट चिल्ड्रन का अनुमान

सामाजिक संगठनों के अनुमान के मुताबिक दिल्ली में करीब 70 हजार स्ट्रीट चिल्ड्रन हैं। इनमें से हजारों बच्चे सार्वजनिक जगहों पर भीख मांगते हैं। धार्मिक स्थलों, बस और मेट्रो स्टेशनों, बाजारों और बड़े चौराहों पर ऐसे बच्चों की मौजूदगी अक्सर दिखाई देती है।

यही वजह है कि सरकार के सामने चुनौती सिर्फ बच्चों को सड़कों से हटाने की नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और स्थायी विकल्प देने की भी है। साथ ही उन नेटवर्क पर कार्रवाई करना भी जरूरी होगा, जो बच्चों को भीख मांगने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

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