- धर्मेंद्र प्रधान ने NEET विवाद पर उठाया सवाल, युवाओं के भविष्य को बताया प्राथमिकता | दैनिक सच्चाईयाँ

Saturday, 8 August 2026

धर्मेंद्र प्रधान ने NEET विवाद पर उठाया सवाल, युवाओं के भविष्य को बताया प्राथमिकता



 धर्मेंद्र प्रधान का बयान

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के दो हफ्ते बाद, भाजपा के वरिष्ठ नेता और संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।

संबलपुर के गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक विवाद के दौरान नई पीढ़ी, जिसे Gen Z कहा जाता है, को गुमराह करने की कोशिश की गई थी। यह उनका पहला सार्वजनिक बयान था, जिसमें उन्होंने 25 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद अपने निर्णय का कारण साझा किया। उन्होंने विरोधियों को यह संदेश दिया कि एक किसान के बेटे के रूप में, वे जनसेवा के मार्ग से कभी पीछे नहीं हटेंगे।

युवाओं का भविष्य और राष्ट्र निर्माण

धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वविद्यालय के सभागार में कहा कि देश की युवा पीढ़ी उनके अपने बच्चों के समान है। भारत में हर साल लगभग दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं, और पिछले दस वर्षों में 20 करोड़ से अधिक युवा इस राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। इन सभी युवाओं की अपनी विशेष आकांक्षाएं हैं, और यही पीढ़ी भारत को 'विश्व गुरु' बनाने का सपना पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए मंत्री पद कभी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का साधन नहीं रहा।

आरोपों का जवाब

आरोपों पर खुलकर रखी अपनी बात

धर्मेंद्र प्रधान ने बीजू जनता दल (बीजेडी) के अध्यक्ष नवीन पटनायक द्वारा लगाए गए व्यक्तिगत आरोपों का कड़ा जवाब दिया। पटनायक ने उन्हें राज्य के लिए 'शर्मिंदगी' और 'बुरा व्यक्ति' कहा था। प्रधान ने जनता से संवाद करते हुए पूछा कि क्या उनके राजनीतिक जीवन के किसी भी कदम से ओडिशा की जनता का सिर नीचा हुआ है? उन्होंने भावुक होकर कहा कि भले ही उन्होंने राज्य के लिए कोई बड़ी उपलब्धि हासिल न की हो, लेकिन उन्होंने कभी ऐसा कार्य नहीं किया जिससे ओडिशा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे।

राजनीतिक मर्यादा का उदाहरण

कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब बीजेडी विधायक प्रसन्ना आचार्य भी मंच पर उपस्थित थे। प्रधान ने बताया कि विश्वविद्यालय आने से पहले उन्होंने प्रसन्ना बाबू से सलाह ली थी। जब बीजेडी नेता ने उन्हें पूर्ण सम्मान और सुरक्षा का आश्वासन दिया, तभी उन्होंने कार्यक्रम में भाग लिया। प्रधान ने कहा कि भगवान जगन्नाथ और मां समलेश्वरी के आशीर्वाद से ही उन्हें 12 वर्ष पहले केंद्रीय मंत्री के रूप में देश सेवा का अवसर मिला था। उन्होंने विरोधियों को यह संदेश दिया कि एक किसान का बेटा होने के नाते, वे जनसेवा के मार्ग से कभी पीछे नहीं हटेंगे।

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