- UP:भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने ISI की साजिश को नाकाम किया,200 से अधिक आतंकवादी गिरफ्तार | दैनिक सच्चाईयाँ

Monday, 17 August 2026

UP:भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने ISI की साजिश को नाकाम किया,200 से अधिक आतंकवादी गिरफ्तार

मेरठ: स्वतंत्रता दिवस से पहले, भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। उत्तर प्रदेश एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक प्रमुख आतंकवादी मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया, जिससे उनके खतरनाक इरादों पर रोक लगाई गई।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस सफलता की सराहना करते हुए मोदी सरकार की आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति की प्रशंसा की।

सघन अभियान में 200 से अधिक गिरफ्तारियां

गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि मोदी सरकार ने आईएसआई के सहयोगी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। भारतीय सुरक्षाबलों ने 14 राज्यों में एक साथ अभियान चलाते हुए 200 से अधिक स्लीपर सेल और ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया है, जिससे देश पर होने वाले संभावित हमलों की साजिश को नाकाम किया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शहजाद भट्टी और सरफराज डोगरा के गिरोह से जुड़े 16 संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा गया है, जिनका संबंध मेरठ और आसपास के क्षेत्रों से है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंकवाद का खतरा

मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश पाकिस्तानी गैंगस्टरों और आतंकवादी संगठनों के लिए एक नया ठिकाना बन गया है। पिछले सात महीनों में एटीएस और स्थानीय पुलिस ने हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से 16 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। कई स्थानीय युवक जैसे उमर, आजाद राजपूत और तुषार चौहान इन आतंकियों के प्रभाव में आकर उनके लिए काम कर रहे थे।

जफर का मदरसे से संबंध

जांच में यह सामने आया है कि मोहम्मद जफर का सीधा संबंध बुलंदशहर के एक मदरसे से है। उसे 2017 में पढ़ाई के बहाने मेरठ बुलाया गया था। एटीएस ने जफर को हापुड़ के शेरपुर स्थित एक मस्जिद से पकड़ा था, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था। हालाँकि, उसके उर्दू दस्तावेज जब्त कर लिए गए थे, जिनसे उसकी असलियत का पता चला। जफर जैश-ए-मोहम्मद के लिए चंदा इकट्ठा कर रहा था, जिसके बाद उसे फिर से गिरफ्तार किया गया।

पाकिस्तान भागने की योजना

मोहम्मद जफर, जो बिहार का निवासी है, आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर से प्रभावित था और उसकी योजनाएँ खतरनाक थीं। पूछताछ में पता चला कि उसने बिहार के पते पर अपना पासपोर्ट बनवाया था और वह पाकिस्तान भागने की योजना बना रहा था। उसने जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर से मिलने की भी योजना बनाई थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जफर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बड़े हमले की साजिश रच रहा था। एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जफर के नेटवर्क में और कौन शामिल है।



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