दुनिया में कई जगहें ठंडी हैं, लेकिन एक शहर ऐसा भी है जहां ठंड सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि रोज की लड़ाई है. इस शहर का नाम है याकुत्स्क (Yakutsk). यह शहर रूस के साइबेरिया इलाके में बसा है.इसके बाद गाड़ी को फिर से स्टार्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है. यहां बाहर निकलने के लिए एक व्यक्ति को औसतन 22 पाउंड यानी करीब 10 किलो कपड़े पहनने पड़ते हैं. कपड़े कई परतों में होते हैं. शरीर का सिर्फ आंखों के आसपास का हिस्सा खुला रहता है. वीडियो में मौजूद व्यक्ति कहता है कि उस हिस्से को भी खास सुरक्षा की जरूरत होती है, वरना नुकसान हो सकता है.
शाकाहारियों के लिए आसान नहीं है यह शहर
याकुत्स्क में ताजे फल और सब्जियां बहुत कम मिलती हैं. यहां की जमीन हमेशा जमी रहती है, इसलिए खेती करना मुश्किल है. इसी वजह से यहां के लोगों के खाने में मांस और मछली सबसे अहम हैं. यानी शाकाहारी लोगों के लिए यहां रहना आसान नहीं है. इतनी ठंड में सिर्फ इंसान ही नहीं, स्मार्टफोन भी परेशान हो जाते हैं. खुले में रखने पर मोबाइल फोन कुछ ही मिनटों में बंद हो जाते हैं. इसलिए लोग फोन को ठंड से बचाकर रखते हैं.
आखिर याकुत्स्क ही सबसे ठंडा क्यों?
याकुत्स्क को दुनिया का सबसे ठंडा शहर कहा जाता है, जबकि यह नॉर्थ पोल के सबसे पास भी नहीं है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह शहर समुद्र से बहुत दूर है. यह Sea of Okhotsk से करीब 725 किलोमीटर दूर स्थित है. सर्दियों में यहां Siberian High नाम का हाई प्रेशर सिस्टम बनता है, जिससे ठंड और बढ़ जाती है. इसके अलावा, यह शहर परमाफ्रॉस्ट जमीन पर बसा है, यानी यहां की मिट्टी साल भर जमी रहती है.
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