- नकली किताबों का मामला: संदीप और शाहरूख की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लेगी गैर जमानती वारंट | दैनिक सच्चाईयाँ

Saturday, 28 March 2026

नकली किताबों का मामला: संदीप और शाहरूख की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लेगी गैर जमानती वारंट

एनसीइआरटी की नकली किताबों के असली खेल में चल रही एसआइटी जांच में हर रोज नई परतें खुलकर सामने आ रही हैं। एसआइटी ने अब फरार चल रहे मास्टर माइंड संदीप और शाहरूख की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट लेने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए एक-दो दिन में न्यायालय में आवेदन किया जाएगा। इधर, हिरासत में लिए गए दो लोगों से पुलिस की एक्सपर्ट टीम पूछताछ में जुटी है। टीम ने अहम सुराग मिलने का दावा किया है, हालांकि वह सुराग क्या हैं? इस पर टीम ने फिलहाल कुछ बताने से इंकार कर दिया है। एनसीईआरटी की नकली किताब की खेप पकड़े जाने के बाद एनसीईआरटी के सहायक उत्पादन अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने गोदाम स्वामी राजेश कुमार जैन, गोदाम संचालक संदीप और शाहरूख पर प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच एसआइटी को सौंप दी गई थी। जिसके बाद एसआइटी ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही फरार चल रहे मुख्य आरोपित संदीप और शाहरूख की तलाश की जा रही है। पुलिस की तीन टीमें संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। हरियाणा में दो, दिल्ली व बिहार में एक-एक स्थान पर इनकी लोकेशन मिली है। सीओ का कहना है कि अगर गिरफ्तारी नहीं हो सकी, तो उनके विरुद्ध एक-दो दिन के भीतर गैर जमानती वारंट कोर्ट से ले लिया जाएगा। इसके लिए कोर्ट में एसआइटी आवेदन करेगी। मेरठ में प्रिंट हुई थीं रुद्रपुर में पकड़ी गईं दस लाख नकली किताबें मेरठ से पकड़े गए दो लोगों से अभी तक पूछताछ में जो सुराग पुलिस को मिले हैं। उनमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि रुद्रपुर के कीरतपुर स्थित गोदाम में नकली एनसीइआरटी की किताबों की छपाई मेरठ की एक प्रिंटिंग प्रेस में हुई थी। एसआइटी सदस्य और सीओ रुद्रपुर प्रशांत कुमार ने बताया कि जिस प्रिटिंग प्रेस पर इनकी छपाई की गई है, उस प्रेस के खिलाफ नकली किताबों की छपाई की एक प्राथमिकी एक साल पहले से मेरठ में ही दर्ज है। सीओ का कहना है कि प्रिटिंग प्रेस का पूरा डाटा जुटा लिया गया है। उसके संचालक को हिरासत में लेने के लिए पुलिस की दो विशेष टीमें मेरठ रवाना की गई हैं। अगर प्रिटिंग प्रेस का संचालक हाथ आ जाता है, तो यह पता चलने में आसानी होगी कि 10 लाख नकली किताबों को छापने का ठेका आखिर किसने दिया था और बदले में कितने रुपये में सौदा हुआ था। यह भी पता चलने की संभावना है कि मास्टर माइंड संदीप के अलावा और तो कोई पर्दे के पीछे नहीं है।

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