मेरठ में 6 मार्च को एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब तूल पकड़ लिया है। मृतक हर्ष देव सिंह की बहन ने इस पूरे प्रकरण को महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे गंभीर परिस्थितियों से जुड़ा मामला बताया है और शासन-प्रशासन से निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।पीड़ित पक्ष का कहना है कि मृतक लंबे समय से तनावपूर्ण हालात से गुजर रहा था।
परिवार का आरोप है कि उसे विभिन्न प्रकार के दबावों और विवादों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
परिवार की ओर से संबंधित अधिकारियों को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र सौंपा गया है, जिसमें कई बिंदुओं पर जांच की आवश्यकता जताई गई है। प्रार्थना पत्र में कुछ अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही कुछ दस्तावेजों, कॉल डिटेल्स और अन्य सामग्रियों का हवाला देते हुए पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल करने की बात कही गई है।पीड़ित बहन का कहना है कि उसका भाई बीते कुछ समय से बेहद दबाव में था और उसने कई बार अपनी परेशानी जाहिर की थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अंकित चौधरी भी पीड़ित परिवार के साथ अधिकारियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा, "यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था पर लोगों के भरोसे से जुड़ा विषय है। हमारी कोशिश है कि पूरी पारदर्शिता के साथ जांच हो और किसी भी स्तर पर अगर कोई लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उस पर निष्पक्ष कार्रवाई हो। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हम हर संवैधानिक और लोकतांत्रिक माध्यम का सहारा लेंगे।"मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हुई है। हालांकि संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या पीड़ित परिवार को उनके सवालों के जवाब मिल पाते हैं।
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