केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के स्मार्ट प्रीपेड विद्युत मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने संबंधी अधिसूचना जारी करने के बाद उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन प्रबंधन से पूर्व में जारी आदेश को वापस लेने की मांग की है।
परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है विद्युत अधिनियम के तहत जारी अधिसूचना का पालन करते हुए बिजली कंपनियों द्वारा प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करते हुए उपभोक्ताओं को पोस्टपेड मोड में कनेक्शन न देने पर वह बुधवार को विद्युत नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे।
आयोग से इस संबंध में कंपनियों को आदेश जारी करने की मांग की जाएगी ताकि 70 लाख से ज्यादा उन उपभोक्ताओं को राहत मिल सके जिनकी सहमति के बिना प्रीपेड मोड में स्मार्ट मीटर कर दिए गए हैं। यूपी में अब तक 70 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, और अब नए कनेक्शन में भी यह विकल्प होगा। यदि बिजली विभाग जबरन प्रीपेड मीटर लगाता है, तो आप नियामक आयोग से शिकायत कर सकते हैं।
प्रदेश में उपभोक्ता प्रीपेड (मोबाइल की तरह रिचार्ज) या पोस्टपेड (बिल का भुगतान) का विकल्प चुन सकते हैं। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने 2022 के नियमों में संशोधन किया है, जो पहले अनिवार्य प्रीपेड का प्रावधान करते थे।
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