शहर की बेसिक प्रॉब्लम्स को दूर करने के लिए निगम हर प्रयास करता है। फिर चाहे कंट्रोम रूम नंबर हो या निगम का टोल फ्री नंबर हर माध्यम से निगम समस्याओं को दूर करने की कवायद करता है।
इन सब प्रयासों के बाद भी नगर निगम शहर की समस्याओं को दूर करने में सफल नही हो पा रहा है। ऐसे में अब प्रदेश स्तर पर लोकहित ऐप से निगम जनता की समस्याओं तक पहुंचने में जुट गया है। इसके साथ ही नगर निगम ने ई ऑफिस की कवायद पर भी काम शुरु कर दिया है।
फोटो डालते ही जल्द होगा एक्शन
गौरतलब है कि बीते लोकहित ऐप का ट्रायल नगर निगम के स्तर पर शुरू हो गया है। इस एप पर शहर की साफ सफाई की समस्याओं से लेकर कूड़ा कलेक्शन, बंद स्ट्रीट लाइट, पेयजल किल्लत, लीकेज से लेकर आवारा कुत्तों तक की समस्याओं का निस्तारण हो सकेगा। इस पर लोग शिकायतें फोटो और लोकेशन के साथ भेज सकेंगे। इसके लिए बकायदा शिकायतों का निस्तारण निश्चित समय सीमा यानि अधिक से अधिक तीन से पांच दिन के भीतर होगा। इसके साथ ही शिकायत कर्ता को अपनी शिकायत का लाइव स्टेट्स भी ट्रैक करने की सुविधा भी मिलेगी।
ई-ऑफिस से जल्द होगी सुनवाई
इसके साथ ही नगर निगम के नए भवन में शिफ्ट होने से पहले नगर निगम ने ई-आफिस व्यवस्था को लागू करने की पहल शुरू कर दी गई है। ई-आफिस के तहत न केवल विभागीय फाइलों का आदान-प्रदान कंप्यूटर पर आनलाइन होगा, बल्कि आम नागरिकों की शिकायतें भी आनलाइन सुनीं जाएगीं। इससे समस्याओं का निस्तारण तेज गति से होगा।
ऐप की मुख्य विशेषताएं
शिकायत पंजीकरण- टूटी सड़क, कचरा, सीवर, और स्ट्रीट लाइट से संबंधित फोटो के साथ शिकायत दर्ज करें।
निगरानी- अपनी दर्ज की गई शिकायतों की स्थिति की जांच करें।
नागरिक सेवाएं- हाउस टैक्स जमा करना, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना, और अन्य सेवाएं।
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इमरजेंसी कांटेक्ट- नगर निगम के जरूरी फोन नंबरों की डायरेक्टरी।
ऐप कैसे डाउनलोड करें
आप गूगल प्ले स्टोर से लोकहित-मेरठ को डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप नागरिक-सरकार के सीधे संवाद को सक्षम बनाता है। इस पर अपना नाम और मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद शिकायत दर्ज कराने के विकल्प खुल जाएंगे। इसके बाद निस्तारण की स्थिति चेक करने से लेकर लोग अपना फीडबैक भी दे इस एप के माध्यम से दे सकते हैं।
ऐप पर ये सुविधाएं भी मौजूद
शिकायत के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम, एंबुलेंस, वूमेल व चाइल्ड हेल्पलाइन, फायर सर्विस, कस्टमर केयर, अधिकारियों के कांटैक्ट नंबर इमरजेंसी टूल में क्लिक करके मिल जाएंगे। प्रमुख ब्लड बैंकों, अस्पतालों पुलिस स्टेशन और कालेज की लोकेशन और पता एप पर मिल जाएगा।
जल्द अपडेट होंगी ये सुविधाएं
एप के जरिए डिजिटल जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनने के साथ आनलाइन आवेदन होंगे।
पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन समेत अन्य लाइसेंस के आवेदन भी एप पर हो सकेंगे।
गृहकर को ऐप पर जाकर जमा कर सकेंगे, साथ ही पिछला रिकार्ड भी देख सकेंगे।
निर्माण कार्यों की प्रगति, सड़कों की गारंटी अवधि भी ऐप पर उपलब्ध कराया जाएगा।
लोकहित ऐप से शहर के लोगों को अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए नगर निगम के चक्कर नही लगाने पडेंगे। ऐप पर डायरेक्ट लाइव फोटो डालकर समस्या की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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