उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की फाइनल लिस्ट जारी कर दी गई है. लखनऊ स्थित लोकभवन के मीडिया सेंटर में निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस वार्ता कर आंकड़े जारी किए.
इस दौरान उनसे सवाल किया गया कि सीमा हैदर जैसी कई महिलाएं यूपी में आईं हैं तो क्या ऐसा डाटा है कि जो विदेश से महिलाएं आईं हों और उनका वोट बना हो. इसके जवाब में रिणवा ने कहा कि हमारे पास ऐसा कोई डाटा नहीं है कि विदेश से कोई आया हो, उसका वोट बना हो क्योंकि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है.
अधिकारी ने कहा कि जो लोग भारत के नागरिक हैं और उत्तर प्रदेश के किसी विधानसभा में रहते हैं और मतदाता होने के पात्र हैं, सिर्फ उन्हीं के वोट बने हैं. अपात्र होंगे तो नाम नहीं होगा.
अब यूपी में कितने मतदाता?
उधर, आयोग ने बताया कि 6 जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता थे, जो अब बढ़कर 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 हो गए हैं. इस प्रकार 6 जनवरी के मुकाबले करीब 84 लाख मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है. नई सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 30 लाख 71 हजार 61, महिला मतदाताओं की संख्या 6 करोड़ 9 लाख 9 हजार 525 और तृतीय लिंग के 4206 मतदाता शामिल हैं.
6 जनवरी के बाद जिन जिलों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, उनमें प्रयागराज, मऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर प्रमुख हैं, जबकि विधानसभा स्तर पर साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. यदि किसी व्यक्ति का नाम 6 जनवरी की सूची में था लेकिन अब नहीं है, तो उसके खिलाफ फॉर्म 7 के तहत आपत्ति दर्ज कर सुनवाई के बाद बीएलओ द्वारा निर्णय लिया गया होगा. मतदाता अब वेबसाइट पर अपनी जानकारी देख सकते हैं और जिनका नाम सूची में नहीं है, वे फॉर्म 6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. फॉर्म 6, 7 और 8 अभी भी भरे जा सकते हैं.
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