नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अब पुलिस भी सुरक्षित नहीं है। जानकारी के मुताबिक बीते शनिवार को कुछ शरारती तत्वों ने तीन पुलिसवालों की जमकर पिटाई कर दी। आंखों में मिर्ची पाउडर, फिर लाठी-डंडे से जानलेवा हमले कर दिया।
यह विवाद मोटरसाइकिल को थाने में रखने को लेकर शुरू हुआ जिसके बाद कुछ आदमी और महिलाओं ने लाठी-डंडे से पुलिसवालों पर अचानक हमले कर दिया। इस हमले के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसमें 17 साल का नाबालिग ही पकड़ा पाया और बाकी आरोपी मौके से फरार हो गए।
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, भलस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन के बीट स्टाफ, हेड कांस्टेबल दिनेश और हेड कांस्टेबल राजेश, जनता विहार, मुकुंदपुर इलाके में गश्त कर रहे थे। चेकिंग के दौरान, उन्हें बिना सही कागजात वाली एक मोटरसाइकिल मिली और नियम के अनुसार, वे उसे DP एक्ट की धारा 66 के तहत जमा करने के लिए पुलिस स्टेशन ले आए। दोपहर करीब 3:30 बजे, जब स्टाफ वापस बीट पर लौटा, तो लोगों के एक समूह ने, जिसमें मोटरसाइकिल का मालिक और उसके परिवार के सदस्य शामिल थे।
उन्हें रोका और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। समूह हिंसक हो गया, पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और ईंटों व डंडों से उन पर हमला किया। उनकी मदद के लिए पहुँचे HC टीनू पर भी हमला किया गया। तीनों पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, हेड कांस्टेबल दिनेश के सिर में चोट लगी।
मौके से केवल नाबालिग ही पकड़ा गया बाकी आरोपी फरार
उन्हें मेडिकल मदद दी गई और उनकी हालत स्थिर है। एक हमलावर, 17 साल का JCL (किशोर), मौके पर ही पकड़ा गया, जबकि बाकी भाग गए। भलस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। मुख्य फरार आरोपी, सुनील उर्फ पंकज, इलाके का BC (बैड कैरेक्टर) है और उस पर पहले भी पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें NDPS एक्ट के तहत दो मामले और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं।
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