केरल के अलप्पुझा में एक बुजुर्ग की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था, जिसे शुरुआत में पुलिस लूटपाट के दौरान हुआ कत्ल मान रही थी। लेकिन जब जांच की परतें खुलीं, तो सामने आई कहानी ने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए।
पुलिस के मुताबिक, 67 साल के शिवनकुट्टी चेट्टियार की हत्या किसी बाहरी गैंग ने नहीं, बल्कि उनकी अपनी 13 साल की पोती ने अपने नाबालिग दोस्तों के साथ मिलकर की थी। वजह सिर्फ इतनी सी थी- उसे लड़के के लिए आइफोन और बाइक खरीदने का पैसा जुटाना।
घर में बंधे मिले थे हाथ-पैर
शनिवार को जब 67 साल के शिवनकुट्टी अपने घर में मृत पाए गए, तो उनके हाथ-पैर बंधे हुए थे और गले में कपड़ा कसा हुआ था। घर से सोने के जेवर भी गायब थे। पहली नजर में यह मामला लूट के इरादे से की गई हत्या का लगा।
लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो कड़ियां पोती की तरफ जुड़ने लगीं। 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली इस बच्ची ने अपने 17 साल के बॉयफ्रेंड (जो 12वीं का छात्र है) और उसके दो और दोस्तों (16 और 17 साल) के साथ मिलकर इस वारदात की योजना बनाई थी। पोती को पता था कि दादा के घर में सोना कहां रखा है। उसने ही अपने साथियों को गहनों की सटीक जानकारी दी।
कोल्लम से ट्रेन पकड़कर आए थे आरोपी
शनिवार रात चारों आरोपी कोल्लम से ट्रेन पकड़कर अलप्पुझा पहुंचे और घर के पिछले रास्ते से अंदर घुसे। घर में दाखिल होते ही उनका बुजुर्ग से सामना हो गया। इसके बाद आरोपियों ने उनके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह दबाकर उनकी जान ले ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है।
हत्या के बाद आरोपियों ने घर से करीब 4.5 तोला सोना पार कर दिया। इसमें से कुछ जेवर कोल्लम में 16,000 रुपये में बेच भी दिए गए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है।
पुलिस को कैसे हुआ शक?
सोमवार सुबह पोती खुद अपने दादा के घर पहुंची और पड़ोसियों को जाकर कहा कि दादा कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। पड़ोसियों ने अंदर जाकर देखा और पुलिस को सूचना दी।
शुरुआती तफ्तीश के दौरान जब पुलिस ने घर के लोगों से पूछताछ शुरू की, तो 13 साल की बच्ची बार-बार अपने बयान बदलने लगी। उसके बयानों में कई विरोधाभास देखकर पुलिस का शक गहरा गया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हो गया।
क्राइम फिल्मों से ली प्रेरणा?
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को पता चला है कि आरोपियों ने वारदात के वक्त का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था और उसे आपस में शेयर किया था। इतना ही नहीं, सबूत मिटाने और स्निफर डॉग्स से बचने के लिए उन्होंने पूरे घर में मिर्च का पाउडर छिड़क दिया था। पुलिस को आशंका है कि नाबालिगों ने यह सब किसी क्राइम मूवी या वेब सीरीज को देखकर सीखा।
पुलिस ने चारों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया है। उनके खिलाफ 'जुवेनाइल जस्टिस एक्ट' (JJ Act) के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस इस कानूनी पहलू पर भी विचार कर रही है कि क्या 16 और 17 साल के मुख्य आरोपियों पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं।
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