उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल अभी से गर्म होने लगा है। इसी कड़ी में अखिलेश यादव ने रविवार को गौतमबुद्ध नगर के दादरी में आयोजित समाजवादी समानता भाईचारा रैली में हिस्सा लिया।
इस दौरान उन्होंने मंच से विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारी में जुटने का संदेश दिया।
रैली के दौरान अखिलेश यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी उसी बदलाव की तैयारी कर रही है।
'दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी को भीड़ लाने के लिए सहारा लेना पड़ा'
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए Bharatiya Janata Party पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनकी रैली की चर्चा से कई लोगों के होश उड़ गए, इसलिए उनसे पहले रैली आयोजित की गई। अखिलेश ने कहा कि उस रैली में लोग खुद नहीं आए थे, बल्कि उन्हें लाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताती है, उसे भीड़ जुटाने के लिए सरकारी तंत्र का सहारा लेना पड़ा।
एयरपोर्ट उद्घाटन पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सात एयरपोर्ट का उद्घाटन किया गया था, लेकिन उनमें से छह बंद हो गए। उन्होंने कहा कि कम से कम यह वादा तो करना चाहिए था कि इन्हें बेचा नहीं जाएगा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि लगता है उद्घाटन ही बेचने के लिए किया गया था।
नोएडा को लेकर अंधविश्वास पर भी बोला तंज
अपने भाषण में अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि वे नोएडा नहीं आते, क्योंकि उन्हें अंधविश्वास है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता यहां के लोगों के बीच लगातार जाते रहे हैं और कार्यकर्ताओं के घरों में बैठकर चाय पीते रहे हैं। अखिलेश ने यह भी कहा कि दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली मेट्रो का निर्माण समाजवादी पार्टी की सरकार के समय हुआ था।
'PDA सामाजिक आंदोलन है'
रैली में अखिलेश यादव ने PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की अवधारणा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि PDA उन लोगों का समूह है जिन्हें समाज में कई बार सम्मान और अधिकारों से वंचित किया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि यह सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है। उनका कहना था कि समाज में बराबरी और सम्मान तभी आएगा जब सभी वर्गों के बीच भरोसा मजबूत होगा।
संविधान को लेकर भी दिया संदेश
अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ लोग पहले 400 सीटें लाकर संविधान बदलने की बात करते थे, लेकिन 2024 के चुनाव के बाद वे पीछे हट गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि संविधान की रक्षा के लिए सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का संघर्ष समाज में बराबरी और अधिकारों की रक्षा के लिए है।
रोजगार और निवेश के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की बात कही गई, लेकिन युवाओं को रोजगार नहीं मिला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर युवाओं को नई तकनीक के मुताबिक ट्रेनिंग दी जाएगी और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे
किसानों और जमीन मुआवजे का मुद्दा उठाया
रैली में अखिलेश यादव ने नोएडा और आसपास के किसानों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन ली गई, लेकिन उन्हें बाजार के हिसाब से मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने वादा किया कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो जमीन लेने पर किसानों को बाजार दर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा।
गुर्जर महापुरुष की प्रतिमा लगाने का वादा
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो लखनऊ और गोमती रिवर फ्रंट पर गुर्जर महापुरुष की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इतिहास और समाज के योगदान को सम्मान देना जरूरी है।
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