अमेरिका के टेक्सास में एक कैदी ने फांसी से पहले अपनी पसंद का आखिरी खाना मांगने की परंपरा को हमेशा के लिए बदल दिया। 44 साल के लॉरेंस रसेल ब्रूअर ने अपने आखिरी खाने में ट्रिपल मीट बेकन चीजबर्गर, मीट लवर्स पिज्जा, बीफ और सब्जियों से भरा चीज ऑमलेट, तीन फजीता, ग्रिल किया हुआ चिकन, आधी रोटी, पीनट बटर फज विद क्रश्ड पीनट्स, एक पिंट आइसक्रीम और तीन रूट बीयर की डिमांड की। लेकिन जब खाना परोसा गया, तो उसने एक कौर भी नहीं खाया, जिससे जेल प्रशासन गुस्से में आ गया।
कहते हैं, मौत से पहले हर इंसान की आखिरी ख्वाहिश पूरी करने की कोशिश की जाती है. क्योंकि वह जिंदगी के उस अंतिम पड़ाव पर होता है, जहां चाहतें सिर्फ यादों में रह जाती हैं. चाहे वो अपने प्रिय भोजन का स्वाद लेना हो, किसी खास को आखिरी बार देखना हो या बस कुछ पल उसके साथ शांति से बिताना हो.
इस घटना के बाद टेक्सास डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल जस्टिस ने फैसला सुनाया कि अब से किसी भी कैदी को "आखिरी भोजन की विशेष डिश" की अनुमति नहीं होगी। अब सभी कैदियों को सामान्य कैदियों जैसा ही खाना दिया जाएगा, चाहे वह फांसी से पहले का आखिरी भोजन ही क्यों न हो ।
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