लखनऊ: संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) ने सोमवार को हार्ट ट्रांसप्लांट कर इतिहास रच दिया। यह न सिर्फ इस संस्थान, बल्कि उत्तर प्रदेश में पहला है। ट्रांसप्लांट करने वाली टीम में शामिल प्रो.एसके अग्रवाल ने बताया कि सर्जरी सफल रही है। उम्मीद है कि मरीज को हफ्तेभर में डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
SGPGI ने पिछले साल ही हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी सुविधाएं जुटा ली थी। तीन मरीज भी संपर्क में थे, लेकिन दो सालों से डोनर का इंतजार था। प्रो. अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली में एक व्यक्ति को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उसके परिवारीजनों ने अंगदान का फैसला किया। इसके बाद सीतापुर निवासी 41 वर्षीय महिला मरीज को तुरंत एडमिट कर जरूरी तैयारियां की गई। सोमवार को दिल्ली से एयर ऐंबुलेंस के जरिए डोनर हार्ट को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर संस्थान तक लाया गया और सर्जरी की गई।
सीएम योगी समेत कई नेताओं ने दी बधाई
SGPGI के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने कहा कि यह नई शुरुआत है। अब हृदय प्रत्यारोपण के लिए मरीजों को प्रदेश के बाहर नहीं जाना पड़ेगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई नेताओं ने SGPGI को बधाई दी है। योगी ने इसे बड़ा कदम बताते हुए कहा कि सरकार भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को पूरा समर्थन देती रहेगी।
क्या बीमारी थी महिला को
पो. अग्रवाल के मुताबिक, महिला लगातार थकान, कमजोरी, सांस फूलने और सीने में भारीपन की समस्या होने पर दिखाने आई थी। जांच में पता चला कि वह डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इसमें हृदय की मांसपेशिया शरीर को पर्याप्त ब्लड पंप नहीं कर पाता है। समस्या बढ़ने पर मरीज का हार्ट भी फेल हो सकता है। जान बचाने के लिए हृदय प्रत्यारोपण ही अंतिम विकल्प था।
टीम में शामिल डॉक्टर
CVTS: प्रो. एसके अग्रवाल, प्रो. सातनु पांडे, प्रो. मिलिंद होते, डॉ. विजय अग्रवाल, डॉ. गुशी, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. अरीब, डॉ. अवनीद्र, डॉ. सौरभ, डॉ. विवेक, डॉ. हर्ष।
कार्डियॉलजी: प्रो. आदित्य कपूर, प्रो. रूपाली खन्ना, प्रो. सत्येंद्र तिवारी, डॉ. अंकित साहू।
एनेस्थीसियाः पो. पुनीत गोयल, डॉ. अमित रस्तोगी, डॉ. पल्लव सिंह, डॉ. नितिन त्रिवेदी, डॉ. आनंदिता कश्यप, डॉ. मलिका धवल, डॉ. श्रद्धा गगेले, प्रो. संजय चौरज, प्रो. देवेंद्र गुप्ता।
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