राजधानी समेत प्रदेश के पंजीकृत युवा बेरोजगारों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें नौकरी के लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी इस जिले में ही उन्हें नौकरी का अवसर मिलेगा।
जिले और मंडल में हर महीने वृहद रोजगार मेला आयोजन करने की तैयारी है।
प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सेवायोजन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगार युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत जिला और मंडल स्तर पर नियमित रोजगार मेलों का आयोजन होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर ही कंपनियों और युवाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जा सके।
विभाग का मानना है कि इससे न केवल रोजगार की प्रक्रिया तेज होगी बल्कि निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढ़ेगी। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए रोजगार संगम पोर्टल को भी सशक्त बनाया गया है। इस पोर्टल पर पंजीकरण कर युवा विभिन्न कंपनियों और विभागों द्वारा उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और सीधे आवेदन कर सकते हैं।
वृहद रोजगार मेलों के आयोजन में किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके लिए प्रत्येक जिला और मंडल स्तर पर 10 लाख रुपये तक की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे आयोजन की व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से की जा सकें।
यह पहल बेरोजगारी की समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है, क्योंकि इससे स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर सुलभ होंगे और युवाओं का पलायन भी कम होगा। प्रदेश में वर्तमान समय में सेवायोजन विभाग के तहत 18 क्षेत्रीय कार्यालय, 57 जिला कार्यालय और 12 विश्वविद्यालयों में रोजगार ब्यूरो में 51,85,829 बेरोजगार पंजीकृत हैं।
प्रदेश में क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी,गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़, देवीपाटन,बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर,मेरठ, आगरा, अलीगढ़, झांसी, चित्रकूट धाम, अयोध्या, मिर्जापुर।
बेरोजगारी पर एक नजर
राजधानी में पंजीकृत बेरोजगार- 1,61,627।
प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगार- 51,85,829।
हर जिले में हर महीने रोजगार मेला।
प्रति जिला/मंडल 10 लाख रुपये।
प्रदेश में 18 क्षेत्रीय, 57 जिला, 12 विश्वविद्यालय ब्यूरो।
बेरोजगारों के पंजीकरण की वेबसाइट
उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन की ओर से मिलेगा बजट
प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। वृहद रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को सीधे कंपनियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा और चयन प्रक्रिया भी पारदर्शी होगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वृहद रोजगार मेले का आयोजन होगा जिसमें कम से कम एक हजार युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य रहेगा। उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन की ओर से पहली बार 10 लाख रुपये बजट निर्धारित किया गया है। अभी तक सेवायोजन कार्यालय अपने ही बजट से रोजगार मेला लगते थे। हर जिले व मंडल अपने -अपने हिसाब से मेले का दिन और तारीख तय करेंगे। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस महीने से वृहद रोजगार मेला लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
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