मेरठ। हिंदू युवक और मुस्लिम किशोरी के प्रेम प्रसंग में एकतरफा कार्रवाई से पुलिस ने किरकिरी करा दी। युवक और उसके परिवार पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कर किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया।यहां भी किशोरी ने प्रेमी के संग जाने की इच्छा जताई, लेकिन सीडब्ल्यूसी ने उसे पिता के सिपुर्द कर दिया। घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही किशोरी फिर प्रेमी के घर पहुंच गई और कहा कि वह उससे ही शादी करेगी।
इसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने फिर से वीर कुमार के घर पर हंगामा कर दिया। जानकारी मिलते ही परतापुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने किशोरी को वापस घर जाने को कहा, पर वह नहीं मानी। पुलिस ने किशोरी को आशा ज्योति केंद्र भेज दिया।
परतापुर के शताब्दीनगर सेक्टर पांच निवासी वीर का मुस्लिम किशोरी से प्रेम प्रसंग चल रहा है। करीब चार दिन पहले किशोरी प्रेमी के घर पहुंच गई थी। कुछ देर बाद उसका परिवार भी वहां पहुंच गया। दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। किशोरी के पिता ने वीर और उसके स्वजन पर अगवा और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज करा दिया था। वीर को गिरफ्तार कर पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया था। धरने पर भाजपा नेता चरण सिंह लिसाड़ी, पार्षद रामवीर सिंह रिठानी, विजेन्द्र सागर व अजय कुमार भी पहुंचे थे।
मुस्लिम समाज के लोगों ने किया हंगामा
पुलिस की लापरवाही से शताब्दीनगर में बना सांप्रदायिक तनाव चार दिन से शताब्दीनगर में विवाद चल रहा है। युवक पक्ष हिंदू और किशोरी पक्ष मुस्लिम है। ऐसे में दोनों समुदाय के लोगों में टकराव के हालात हैं। दोनों के घर की दूरी भी बहुत कम है.
शुक्रवार को भी किशोरी के प्रेमी के घर पहुंचने पर दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे। यदि पुलिस मंगलवार से ही मामले को गंभीरता से लेती तो शायद टकराव के हालात नहीं होते। एसओ अजय शुक्ला का कहना है कि शनिवार को दोबारा से किशोरी को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा।
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